Generation_Gap अर्थात- दो पीढ़ियों के बीच का अंतर "कालक्रमेण जगत: परिवर्तनमान:" इस संस्कृत सूक्ति के अनुसार "काल के प्रभाव से यह समाज निरंतर परिवर्तनशील रहता है, अतः जीवन शैली, विचारधारा, आपसी विश्वास और लोगों के समग्र व्यवहार भी समय के साथ-साथ बदलते रहते हैं। यह परिवर्तन नए विचारों को जन्म देता है और जिनमें से कुछ स्वीकार्य होते तथा कुछ अस्वीकार्य होते हैं। प्रायः देखा गया है कि माता-पिता बच्चों पर अपने मूल्यों और विचारधाराओं को लागू करने की कोशिश करते हैं जबकि बच्चे U_CAN'T UNDERSTAND_ME कहते-कहते खुद की एक अलग ही दुनिया की खोज करना आरम्भ कर देते हैं, और धीरे धीरे अभिभावकों के प्रति उदासीन हो जाते हैं। पीढ़ी के इस अंतराल की वजह से अभिभावक और बच्चों के रिश्ते अक्सर प्रभावित होकर विद्रूपता के शिकार जाते हैं। :- ऐसे में अभिभावकों को अपने और बच्चों के बीच मैत्रीपूर्ण व्यवहार करते हुए उनको अपने से तथा अपने को उनसे जोड़ने हेतु संवाद रूपी सेतु का आश्रय ग्रहण करना चाहिए, इस प्रकार के वैचारिक सम्प्रेषण के फलस्वरूप...