माँ भी जाने किस मिट्टी से बनी होती है:- 1.रसोई में प्यार पकाकर उसे परोसने तलक, न जाने कितना धुआँ अपने फेफड़ों को पिला देती है,,, माँ भी जाने.. 2.सब्जियां काटते हुए कट गईं उंगलियाँ कितनी ही दफ़ा, घायल उंगलियों की परवाह न कर बच्चे को खिला बेसबब मुस्काती है,,, माँ भी जाने.. 3.रोटियों को सेंकने पर आए हुए घावों-फफोलों को, नजरअंदाज कर सारा घर सम्हालती है,,, माँ भी जाने.. 4.गोद पर उठा बच्चे को गाने-कविता सुना, मीलों दूर स्कूल तक पहुँचाती है,,,माँ भी जाने.. 5.अल सुबह उठने से देर रात सोने तलक,बस काम पर काम, पर मजाल कभी माथे पर शिकन दिखलाती है,,, माँ भी जाने.. 6.ढल जाता है शरीर सबका, इक उम्र के बाद, पर माँ और उसकी ममता भला कभी बूढ़ी होती है,,,मां भी जाने किस मिट्टी से बनी होती है.. मां भी जाने किस मिट्टी से बनी होती है.......💐💐💐 ✒️📝✒️By:- द्विवेदी हरिओम